दिल्ली CJP Protest: संसद मार्ग पर तनाव के बाद सुरक्षा कड़ी, इंटरनेट और मेट्रो सेवाओं पर असर

दिल्ली में CJP Protest के बीच सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। इंटरनेट सेवा बंद, 16 मेट्रो स्टेशन प्रभावित, संसद मार्ग पर तनाव, पुलिस-प्रदर्शनकारियों की झड़प और ताजा सरकारी अपडेट से जुड़ी सभी अहम जानकारी यहां पढ़ें।

7/23/20261 min read

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में Cockroach Janta Party (CJP) के नेतृत्व में चल रहे विरोध प्रदर्शन के बीच गुरुवार को सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई। जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया, जबकि एहतियात के तौर पर सेंट्रल दिल्ली के कुछ हिस्सों में आधी रात तक इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से बंद कर दी गईं।

इसके अलावा, दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने सुरक्षा कारणों से 16 मेट्रो स्टेशनों पर प्रवेश और निकास अस्थायी रूप से बंद रखने का फैसला किया। इनमें राजीव चौक, मंडी हाउस, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट और सुप्रीम कोर्ट जैसे प्रमुख स्टेशन शामिल हैं। अधिकारियों ने कहा कि स्थिति सामान्य होने के बाद ही सेवाएं पूरी तरह बहाल की जाएंगी।

प्रदर्शन के दौरान बढ़ा तनाव

बुधवार को प्रदर्शन स्थल जंतर-मंतर पर माहौल काफी हद तक शांत रहा, लेकिन संसद मार्ग पर हालात अचानक बिगड़ गए। कुछ प्रदर्शनकारी मुख्य सड़क तक पहुंच गए, जिसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प हो गई।

पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। वहीं, कुछ प्रदर्शनकारियों पर पुलिस पर पथराव और बोतलें फेंकने के आरोप लगे। दिल्ली पुलिस के अनुसार, इस दौरान दो एसीपी, एक इंस्पेक्टर, एक हेड कॉन्स्टेबल और एक कॉन्स्टेबल समेत पांच पुलिसकर्मी घायल हुए।

CJP ने पुलिस पर लगाए सवाल

गुरुवार सुबह CJP ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा करते हुए दावा किया कि पुलिस ने प्रदर्शन स्थल के बाहर पहले से क्षतिग्रस्त एक कार खड़ी की है। पार्टी ने कहा कि इस वाहन को लेकर भविष्य में प्रदर्शनकारियों पर आरोप लगाए जा सकते हैं, इसलिए इसकी स्थिति पहले से रिकॉर्ड की जानी चाहिए।

हालांकि, पुलिस की ओर से इस दावे पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई।

इंटरनेट बंद होने पर भी उठे सवाल

CJP नेताओं ने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर के आसपास इंटरनेट सेवा बंद किए जाने से प्रदर्शन प्रभावित हुआ। पार्टी के संयोजक अभिजीत डिपके ने सोशल मीडिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्या प्रशासन किसी नए पुलिस अभियान की तैयारी कर रहा है।

उन्होंने पुलिस और अर्धसैनिक बलों से भी अपील की कि वे प्रदर्शनकारियों के साथ कानून के दायरे में रहकर कार्रवाई करें।

शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर अड़ा संगठन

CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग अब भी उनकी सबसे बड़ी मांग है और इसमें कोई समझौता नहीं होगा। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे पर उनकी कई बार सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से भी बातचीत हुई है।

दास ने कहा कि प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहेगा, लेकिन जब तक प्रमुख मांगों पर फैसला नहीं होता, आंदोलन खत्म नहीं किया जाएगा।

सोनम वांगचुक का दावा

सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने दावा किया कि उनकी मुलाकात केंद्रीय मंत्रियों जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह से हुई। उनके अनुसार, सरकार ने संसद में पेपर लीक मामले पर चर्चा और जवाबदेही तय करने की मांग पर सकारात्मक विचार करने का भरोसा दिया है।

उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने कथित NEET पेपर लीक से प्रभावित छात्रों के परिवारों को उचित सहायता देने के प्रस्ताव पर भी विचार करने की बात कही है।

हालांकि, वांगचुक ने स्पष्ट किया कि वे अपना अनशन तभी समाप्त करेंगे, जब सरकार लिखित रूप से यह आश्वासन देगी कि आंदोलन में शामिल छात्रों और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी।

संसद में भी जारी रही राजनीतिक तकरार

पेपर लीक मामले को लेकर संसद के भीतर भी सरकार और विपक्ष आमने-सामने रहे। सरकार ने इस मुद्दे पर चर्चा की इच्छा जताई, जबकि विपक्ष ने कहा कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बिना चर्चा का कोई अर्थ नहीं है।

विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर में काले कपड़े पहनकर विरोध प्रदर्शन भी किया। वहीं, सरकार का कहना है कि वह बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन इस मुद्दे का राजनीतिकरण नहीं होना चाहिए।

फिलहाल स्थिति पर नजर

दिल्ली पुलिस और प्रशासन ने लोगों से अफवाहों से बचने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है। सुरक्षा एजेंसियां पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं और हालात को सामान्य बनाए रखने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया गया।

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